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A Letter to Life #DearZindagi Activity

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“I am writing a letter to life for the #DearZindagiactivity at BlogAdda“.
डियर  ज़िन्दगी

सबसे पहले तो मैं तुझे अपने में मुझे बनाये रखने और अपनी साँसों को मेरी सांसों में समाये - बनाये रखने के लिए बहुत – बहुत धन्यवाद देती हूँ. तू है तो मैं हूँ, जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं. मैं यह पत्र इसलिए लिख रही हूँ ताकि मैं तुम्हें यह बता सकूँ कि मैं तुम्हें अपने में पाकर कैसा महसूस कर रही हूँ.

तुम्हारे कितने रूप हैं. कुछ ऐसे पल होते हैं जिनको याद कर मैं बहुत खुश हो जाती हूँ, कुछ लम्हे ऐसे भी हैं, जो आज भी याद आती हैं तो रोम-रोम पुलकित हो जाती हैं. कुछ पल उदास भी कर जाती हैं. यदि मैं उन लम्हों का लेखा-जोखा तैयार करूँ तो एक ग्रन्थ तैयार हो जाए.

आज मैं इस पत्र में उन सुखद एहसासों का जिक्र करना चाहूंगी जिसने मुझे जीने के नए मायने दिए हैं.
बचपन की वो यादें आजतक मैंने बहुत ही सहेज कर रखी हैं. जब मैं अपने बाबुल के आँगन में फुदकती रहती थी. प्यार और दुलार से सराबोर तुम न जाने कब मुझे यौवन की दहलीज पर लाकर छोड़ दिया.

यौवन का एहसास आते ही मन रोमांचित हो उठता है. पढाई-लिखाई के साथ साथ साजन की बातें, प्यार – मोहब्…