तेल मालिश सही पोषण के लिए बहुत जरुरी!

नवजात शिशु खिले हुए फूल की तरह होते हैं. उनकी मासूमियत, उनकी नन्हे - नन्हे हाथ पैर, उनकी कोमल त्वचा देखकर उपरवाले के करिश्मे के सामने सिर अपनेआप झुक जाता है. लेकिन धरती पर  आने के बाद से लेकर कुछ वर्षों तक उनकी देखभाल अच्छी तरह से करनी पड़ती है. जब मेरी बिटिया हुई तो मुझे बच्चों को किस तरह से रखा जाय, के बारे में ज्यादा कुछ मालूम नहीं था. लेकिन घर में  बड़े बुजुर्गों का इन सब के बारे में सहयोग और परामर्श आपको सब कुछ सिखा देता है. नवजात शिशु की विशेष देखभाल करनी पड़ती है. इस पोस्ट में विशेष रूप से बच्चों के मालिश के बारे में बात करना चाहूंगी. 



छोटे बच्चों का नियमित मालिश बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरुरी ही नहीं अति आवश्यक  होता है. नवजात शिशु चूँकि किसी तरह का कोई शारीरिक गतिविधि नहीं करता है, बल्कि वह अठारह से बीस घंटे तक सोता रहता है. जब ऐसे नवजात सोकर उठते हैं तो उनके शरीर की मालिश की जाती है. वजह यह है कि ज्यादा देर तक सोने की वजह से उनके शरीर में दर्द होने लगता है या थकान हो जाती है. दूसरे नवजात सिर्फ माँ के दूध पर आश्रित होते हैं इसलिए उनका पाचन भी सही तरीके से होता है. मालिश करने से बच्चों के शरीर का बाहरी भाग यानि त्वचा भी वातावरण के प्रभाव से बच्चों को बचाता है और धीरे धीरे बच्चे का शरीर पर्यावरण के अनुकूल होता जाता है. अब सवाल यह उठता है कि किस तेल से बच्चों की मालिश की जाय. ग्रामीण इलाके में लोग  सरसों का तेल बच्चों की मालिश के लिए प्रयोग करते हैं. लेकिन इस मामले में डाबर लाल तेल का प्रयोग भी अधिकतर लोग करते हैं. डाबर का लाल तेल का प्रयोग मैं भी अपनी बिटिया की मालिश में करती थी. लाल तेल बच्चों के शरीर के लिए बहुत अनुकूल होता है और इससे बच्चों के त्वचा की कांति बनी रहती है और वातावरण का उसके शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव से बचाता है. जैसे जैसे बच्चे बड़े होते हैं और कुछ कुछ शारीरीक गतिविधि करने लगते हैं तो उनके मालिश करने की संख्या भी काम होने लगती हैं. यदि एक ३ महीने के बच्चे की मालिश छह से आठ बार की जाती है तो  दो साल के बच्चों की दो बार मालिश अमूमन की जाती है.
इसलिए मालिश बच्चों के विकास और पोषण के लिए बहुत जरुरी होता है लेकिन ध्यान रहे बच्चों की मालिश वैसे तेल से करे जो शुद्ध हो, नेचुरल हो, और किसी भी तरह के केमिकल रहित हो, नहीं तो वह बच्चों के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. आजकल तो डाबर का मालिश तेल ओलिव और बादाम जैसे गुणकारी तत्वों से भरपूर है जो बच्चों का समुचित पोषण करते हैं और उनकी किलकारी को हमेशा बनाये रखते हैं.


“I am participating in the #FirstLove activity at BlogAdda in association withDabur.

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