दुलारपुर दर्शन-12

कृषि उत्पादन बाजार समिति

कृषि उत्पादन बाजार समिति तेघरा की स्थापना अक्तूबर 1972 ई. में हुई । इसका उद्घाटन वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक अधिकारी  एवं तत्कालीन बिहार राज्य कृषि विपणन परिषद् के प्रबन्ध् निदेशक सह अध्यक्ष श्री  रामाधार ने की।
पहली बार विभिन्न क्षेत्रों के कृषक प्रतिनिधि का चयन मनोनयन के द्वारा किया गया। पन्द्रह सदस्यीय समिति बनी।
दुलारपुर-पिढौली क्षेत्र से दुलारपुर के पूर्व मुखिया श्री देवनारायण सिंह को मनोनीत किया गया। वे कृषि उत्पादन बाजार
समिति तेघरा  के उपाध्यक्ष बनाये गये। यह दुलारपुर गाँव के लिये गौरव की बात है। वे उपाध्यक्ष 15  वर्ष (1977) तक रहे।
उसके बाद 1992 के चुनाव में अधारपुर  के श्री रामकरण सिंह इस क्षेत्रा से कृषक प्रतिनिधि चुने गये। तत्पश्चात् 1997 के 11 जून को हुए चुनाव में दुलारपुर के ही श्री भोलाकान्त झा दुलारपुर-पिढौली कृषक क्षेत्र से कृषक प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। अगले चुनाव में  रामपुकार सिंह विजयी हुए।

सहकारी समिति दुलारपुर


सहकारी समिति दुलारपुर दियारा में ही सर्वपथम 1948 ई. बहुधंधी सहयोग  समिति बनायी  गयी। जिसमें क्रमशः  श्री रामचन्द्र सिंह (अध्यक्ष ) एवं  श्री रामाशीष सिंह (शिक्षक )सचिव बनाये गये। गंगा में कटाव प्रारंभ हुआ। गाँव पुनर्वासित  होकर वर्तमान स्थान में आ बसा  ।

पुनः 1955 में बहुधंधी समिति को गठित किया गया। जिसमें री रेशमी सिंह (सचिव ) और श्री राम निहोरा सिंह (अध्यक्ष ) चुने गये। वर्ष 1975-76 में बहुधंधी सहयोग समिति को पुनर्गठित किया गया जो वर्तमान में प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स) के नाम से जाना जाता है।  श्री रघुवीर  सिंह गाँधी इसके अध्यक्ष हैं। रघुवीर सिंह गाँधी इसके अध्यक्ष तीन बार चुने गये है। यह उनका अंतिम चक्र है। तीन बार से अधिक  की कार्य अवधि किसी के लिए भी स्वीकृत नहीं है। श्री रघुवीर  सिंह गाँधी  (86-89); (92-95) तक; (95-98) वर्ष के लिए अध्यक्ष बने है। ऐसे सत्र (89-92) के लिए अरूण कुमार सिंह पैक्स के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में मीनू कुमार इसके अध्यक्ष हैं।



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